महासमुंद/सरायपाली :- सरायपाली क्षेत्र मे यूरिया खाद की कमी से किसान परेशान हैं और इसी बीच कृषि विभाग की टीम ने बड़ा खुलासा किया है। विभागीय जांच में बिना अनुमति 270 बोरी यूरिया का भंडारण पकड़ा गया। यह स्टॉक स्थानीय बालाजी राइस मिल और अम्बे फर्टिलाइज़र सरायपाली में पाया गया।

विभाग ने इसे उर्वरक नियंत्रण अधिनियम 1985 का उल्लंघन मानते हुए दोनों संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सूत्रों के अनुसार, यह राइस मिल और फर्टिलाइज़र संस्थान कांग्रेस विधायक के करीबी से जुड़़े बताए जा रहे हैं'

यही वजह है कि इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। किसानों के बीच यह चर्चा है कि जब खाद की कमी से वे जूझ रहे थे, उसी समय बड़ी मात्रा में यूरिया का भंडारण कर कालाबाजारी की तैयारी की जा रही थी।

गौरतलब है कि कुछ दिनों पूर्व ही स्थानीय कांग्रेस विधायक ने खाद की कमी को लेकर कृषि विभाग के कार्यालय का घेराव किया था और किसानों के साथ प्रदर्शन किया था।

अब विधायक के करीबी से जुड़़े प्रतिष्ठान में यूरिया पकड़़े जाने के बाद सवाल उठने लगे हैं कि कहीं यह प्रदर्शन किसानों की आड़ में दबाव बनाने और खाद आपूर्ति पर नियंत्रण कायम करने की रणनीति तो नहीं थी।

निरीक्षण दल की रिपोर्ट के मुताबिक, 270 बोरी यूरिया इफको (IFFCO) कंपनी की है और इसका वैध वितरण किसानों को नहीं किया गया था। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पंचनामा तैयार कर स्टॉक जब्त किया और कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

कार्रवाई के बाद जब्त की गई सभी 270 बोरी यूरिया को शासन द्वारा निर्धारित दर पर किसानों के बीच तत्काल वितरित कर दिया गया, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

नोटिस में तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है, अन्यथा लाइसेंस निलंबन/ निरस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है

इस कार्रवाई के बाद किसानों में उम्मीद जगी है कि उन्हें अब निर्धारित दर पर समय पर खाद मिल सकेगी। वहीं राजनीतिक हलकों में यह 'मामला गरमा गया है और विपक्ष इसे लेकर कांग्रेस पर हमला करने की तैयारी में है।