छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भुइयां ऐप से पटवारी की ID हैक करके 765 एकड़ सरकारी जमीन अलग-अलग लोगों के नाम कर दी गई। जमीनों का फर्जी खसरा नंबर बनाकर निजी लोगों के नाम दर्ज किया गया। उसके बाद उसी जमीन का बटांकन कर लोन लिया गया, इनमें दिनूराम यादव, एसराम, शियाकांत वर्मा, हरिशचंद्र निषाद, सुरेंद्र कुमार, जयंत समेत कई लोगों के नाम थे। कुछ ने जमीनों को बैंक में गिरवी रख लोन भी ले ले लिया। मामले में नंदिनी पुलिस ने अपराध दर्ज कर सेक्टर-5 निवासी नन्द किशोर साहू को गिरफ्तार किया है।

स्टेट बैंक से 36 लाख रुपए का लिया लोन

पुलिस ने बताया कि, पटवारी हल्का नम्बर 16 के ग्राम अछोटी एवं मुरमुंदा तहसील अहिवारा जिला दुर्ग के भुइंया साफ्टवेयर को अज्ञात आरोपियों ने पहले हैक किया, फिर फर्जी तरीके से भारतीय स्टेट बैंक शाखा नंदिनी नगर से 36 लाख रुपए का लोन आहरण किया। रकम निकालने वाले आरोपी दिनू राम यादव निवासी सुंदर नगर वार्ड सिलतरा रायपुर व एसराम निवासी अछोटी ने यह पूरा षड़यंत्र रचा।


फर्जी तरीके से निकाले पैसे

मूल खसरा नम्बर के रकबा में कूटरचित तरीके से नए के रकबा में कूटरचित तरीके से नए खसरा नम्बर का बटांकन कर नया खसरा सृजित गया। मुख्य आरोपी दिनू राम यादव ने बैंक के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी तरीके से बैंक से रुपए निकाले। उक्त रकम को विभिन्न खातो में हस्तांतरित किया। 20,26,547 रुपए को नन्द किशोर साहू के खाते में ट्रांसफर किया गया।