आज दिनांक 01-02-2026 को छत्तीसगढ़ सरकार के निर्देश पर व्यापम द्वारा cg TET परीक्षा आयोजित किया गया था जिसमें प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों के लिए सुबह 9.30 से 12.30 एवं माध्यमिक विद्यालय शिक्षकों के लिए दो पहर को परीक्षा आयोजित किया गया था।
दोनों स्तर के प्रश्नपत्र को अवलोकन किया गया तो ऐसा लगा कि यह टेट परीक्षा, शिक्षक पात्रता के लिए नहीं बल्कि देश के सबसे कठिन UPSC या सर्वोच्च ज्ञानी या जीनयस चयन के लिए परीक्षा आयोजित किया गया था !! प्रश्नों की जटिलता और उसके कूटरचित प्रश्न देखकर परीक्षार्थियों को पसीने आ गए।
क्योंकि 150 प्रश्न में लगभग 87 प्रश्न, निर्देशित और कूट प्रकृति का था। ऐसे प्रश्नों को पढ़ने, समझने व सुमेलित करने के लिए कम से कम 5 से 15 मिनट लगता है। जब की साधारण प्रश्नो के एक प्रश्न को समझने के लिए कम से कम एक मिनट लगता है। ऐसे में आधा से ज्यादा प्रश्न उलझनों से भरा हो, तो बाकी के 63 प्रश्नों का उत्तर परीक्षार्थी कैसे दे पायेंगे ?
अब की सीजी टेट2026की परीक्षा का प्रश्नपत्र और इसके पहले की सीजी टेट परीक्षा प्रश्नपत्र का तुलना किया जाये तो,ऐसा लगता है कि अबकी परीक्षा प्रश्नपत्र और पहले की प्रश्नपत्र, धरती आसमान का अंतर है !
क्या इतना जटिल और उलझे हुए प्रश्नपत्र देकर *शिक्षक भर्ती* जैसे मुद्दों पर शिक्षित बेरोजगारो के मन मे निराशा भरा जा है..?? अथवा शासकीय शिक्षकों के लिए कोई षड्यंत्र..!! परीक्षा के प्रश्न पत्र हर स्तर के परीक्षार्थी को ध्यान में रखकर बनाया जाता है। पर यह प्रश्नपत्र परीक्षा लेने के उद्देश्य से भटका हुआ प्रतीत हुआ।
आज तक परीक्षार्थियों में शिक्षको की संख्या न बताने वाले कल को जब परिणाम निकलेगा तो मीडिया में प्रचारित किया जायेगा और कुछ इस तरह समाचार हेडिंग न दे दे कि
प्रदेश के शिक्षक निकले फिसड्डी..ज्यादातर हुए TET में फेल..!!

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