11 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर नई मंडी प्रांगण सरायपाली में जनपद पंचायत एवं नगर पालिका सरायपाली द्वारा आयोजित योग कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी कर्मचारियों के साथ कुमारी भास्कर सभापति जिला पंचायत महासमुंद योगा अभ्यास मे शामिल हुई ।
योग का हमारे जीवन में अत्यधिक महत्व है. योग या योगा ना सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक रूप से भी फायदेमंद होता है. बच्चों से लेकर बड़ों तक को योगा (Yoga) करने की सलाह दी जाती है. यह शरीर को मजबूती देता है, शारीरिक और मानसिक दिक्कतों को दूर रखता है, शरीर में लचकता लाता है, बीमारियों से मुक्ति दिलाता है और पेट से लेकर हड्डियों तक की दिक्कतों को दूर रखने में असरदार होता है. योगा के इसी महत्व से लोगों को अवगत कराने के लिए हर साल 21 जून के दिन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (Yoga Day) मनाया जाता है.
योग दिवस का इतिहास
27 सितंबर, 2014 को अपनी संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था. इस प्रस्ताव को 11 दिसंबर, 2014 को मंजूरी दी गई और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में चुना गया. पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून, 2015 में मनाया गया था. लाखों लोगों ने इस दिन योग किया जिससे इस दिन को मनाना सफल हुआ.
21 जून (21 June) को योग दिवस चुनने की बात की जाए तो इसका भी अपना एक खास महत्व है. 21 जून साल का सबसे लंबा दिन होता है. इसे ग्रीष्म संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है. ऐसे में अध्यात्म के लिए यह दिन बेहद खास माना जाता है और इसीलिए इसे योग दिवस के लिए भी चुना गया.
योग दिवस का महत्व
योगा व्यक्ति के लिए हर रूप में फायदेमंद होती है. शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए योगा की जाती है. इससे व्यक्ति रोगों से मुक्त रहता है. वहीं, बेहतर जीवनशैली के लिए भी योगा की जाती है. अगर कम उम्र से ही व्यक्ति को योगा की आदत हो तो शरीर रोगग्रस्त नहीं होता, मोटापा दूर रहता है, त्वचा निखरी हुई रहती है, बालों को मजबूती मिलती है, हाई बल्ड प्रेशर या हाई कॉलेस्ट्रोल जैसी समस्याएं नहीं होती हैं और मानसिक दिक्कतें भी कोसों दूर रहती हैं. ।
योग हमें प्रकृति के साथ तालमेल बिठाना सिखाता है। जब व्यक्ति अंदर से शांत होता है तो वह बाहरी दुनिया को संवारने में भी अहम भूमिका निभाता है। योग एक आध्यात्मिक अनुशासन है, जो हमारी आंतरिक ऊर्जा को जागृत करता है, मानसिक शांति देता है और शारीरिक मजबूती प्रदान करता है। इंटरनेशनल योगा डे दिन हमें यह याद दिलाता है कि योग अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत है। जब हर व्यक्ति योग को अपनाएगा, तभी एक स्वस्थ समाज और सशक्त भारत का निर्माण होगा।


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