नन्हें मुन्हे बच्चों ने किया आँगनबाड़ी केंद्रो मे योग, स्वस्थ जीवन ही है हमारी जिंदगी की जमा पूंजी योग करना है रोगमुक्त जिंदगी की कुंजी ।

 


महासमुंद/सरायपाली :- 21 जून 2025 योग दिवस की अवसर पर आज महिला बाल विकास विभाग सरायपाली परियोजना के आँगनबाड़ी केंद्रो मे नन्हे बच्चे, पालक गण, केंद्र मे लाभान्वित हितग्राही व जनप्रतिनिधियो द्वारा योग संगम एवं हरित योग की थीम पर योगा करके अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया ।


योग शरीर, मन और आत्मा को जोड़ता है । योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित करता है। योग अच्छी या विपरीत हर एक परिस्थिति में खुद को बैलेंस रखने की एक वैज्ञानिक और आध्यात्मिक प्रक्रिया है। 


वैज्ञानिक भी मानते हैं कि योग करने से शरीर और मन की सेहत बेहतर होता है। योग ने महिलाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त किया है। 


योग मानव जीवन को स्वस्थ और संतुलित बनाए रखने का प्रभावी माध्यम है। योग से न केवल शारीरिक बल प्राप्त होता है, बल्कि मानसिक शांति भी मिलती है। यह हृदय रोग, रक्तचाप जैसी कई बीमारियों से बचाव में सहायक है।


योग की परंपरा भारत में अत्यंत प्राचीन रही है और आज पूरे विश्व ने इसके महत्व को स्वीकार किया है। प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन योग करना चाहिए, क्योंकि “पहला सुख निरोगी काया” है। 


जब शरीर स्वस्थ होता है, तब जीवन के सभी कार्य—खाना, रहना, सोना, कार्य करना—सार्थक और सुखद प्रतीत होते हैं।


योग हमें प्रकृति के साथ तालमेल बिठाना सिखाता है। जब व्यक्ति अंदर से शांत होता है तो वह बाहरी दुनिया को संवारने में भी अहम भूमिका निभाता है। योग एक आध्यात्मिक अनुशासन है, जो हमारी आंतरिक ऊर्जा को जागृत करता है, मानसिक शांति देता है और शारीरिक मजबूती प्रदान करता है। इंटरनेशनल योगा डे दिन हमें यह याद दिलाता है कि योग अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत है। जब हर व्यक्ति योग को अपनाएगा, तभी एक स्वस्थ समाज और सशक्त भारत का निर्माण होगा।

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