आज का दिन मेरे लिए विशेष और भावनात्मक रहा। आज सरायपाली (महासमुंद) की उस पवित्र भूमि पर गया, जहाँ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक, परम पूजनीय श्रद्धेय माधव सदाशिवराव गोलवलकर 'गुरुजी' ने बाल्यावस्था में शिक्षा ग्रहण की। आज भी इस स्कूल की मिट्टी में उनकी स्मृतियाँ जीवंत हैं जिन्होंने अपने विचारों और कर्मों से राष्ट्र को नई दिशा दी।
स्कूल के प्रांगण में कदम रखते ही मन श्रद्धा और गौरव से भर उठा। यहीं से शिक्षा प्राप्त कर श्रद्धेय गुरुजी देश के लिए प्रेरणास्रोत बने। आज उसी स्कूल में बच्चों के बीच समय बिताकर, उनकी उत्सुक आँखों में भविष्य के सपने देखे। इस स्कूल के शिक्षकों, बच्चों और ग्रामवासियों को आभार जिन्होंने इस ऐतिहासिक धरोहर को संजोए रखा है


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