छत्तीसगढ़ में युक्तियुक्तकरण को लेकर शिक्षकों में नाराजगी चल रही है. इस बीच दुर्ग में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम के 600 शिक्षकों ने हल्ला बोल दिया है. सभी शिक्षक सैलरी बढ़ाने और नियमितीकरण की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करने सड़क पर उतरे. शिक्षकों का कहना है कि हमारी सिर्फ दो सूत्रीय मांगें हैं. उसे शिक्षा विभाग और सरकार पूरी नहीं कर रही है. नियमित वेतन वृद्धि और शिक्षा विभाग में संविलिय और नियमितीकरण की हमारी डिमांड है.
स्कूली बच्चों की पढ़ाई का रखते हैं ख्याल: प्रदर्शन कर रहे शिक्षक राजेंद्र नाग ने बताया कि वे रविवार का दिन इसलिए चुनते हैं ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो. उनका कहना है कि वे बच्चों को सर्वश्रेष्ठ शिक्षा देने का पूरा प्रयास कर रहे हैं, और स्कूलों के परीक्षा परिणाम भी इसकी गवाही देते हैं.शिक्षकों ने यह भी बताया कि वे मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रख चुके हैं. मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. अगर मांगें जल्द नहीं मानी जातीं, तो वे भविष्य में कलम बंद आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. उन्होंने सरकार से अपील की है कि उनके योगदान को देखते हुए जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाए.
संविदा पर होने के कारण सभी शिक्षक असुरक्षा की भावना में काम कर रहे हैं. सरकारी शिक्षक हमें ताने मारते हैं कि संविदा पर हो, कभी भी निकाल दिए जाओगे. ऐसे में जब तक स्थाई नियुक्ति नहीं मिलती, तब तक भविष्य अंधकारमय है.- यामिनी वर्मा, महिला शिक्षक आत्मानंद स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि हमारे लिए सैलरी वृद्धि और नियमितीकरण सबसे बड़ा मुद्दा है. सरकार को इस ओर ध्यान देना होगा. जिससे आत्मानंद स्कूल के शिक्षकों का हित हो सके.


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