रायपुर: राजस्थान के झालावाड़ में कुछ समय पहले स्कूल भवन ढहने से 7 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. इस हादसे के बाद छत्तीसगढ़ में जर्जर स्कूल भवनों की स्थिति और उसमें पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है. मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश में 8106 स्कूल भवन जर्जर श्रेणी में हैं. इनमें से 3789 स्कूल अत्यंत खतरनाक स्थिति में हैं, जहां किसी भी वक्त हादसा हो सकता है.
अधूरी स्कूल जतन योजना: पिछली सरकार ने मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत 30 हजार स्कूल भवनों की मरम्मत का लक्ष्य तय किया था. इनमें से 20 हजार स्कूलों के लिए फंड स्वीकृत भी हो गया था, लेकिन 2723 स्कूलों में कार्य अधूरा है और 5383 स्कूलों में मरम्मत की शुरुआत तक नहीं हो पाई. इसकी सबसे बड़ी वजह–वित्त विभाग से स्वीकृति की कमी है.
जोखिम में 8 लाख बच्चों की जान: छत्तीसगढ़ के लगभग 57 हजार स्कूलों में 52 लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं. इनमें लगभग 8 लाख विद्यार्थी हर साल बारिश के मौसम में जर्जर भवनों में पढ़ने को मजबूर हैं. बरसात के दौरान दीवारों से प्लास्टर गिरना, छत टपकना, फर्श गीला होना, और पानी भर जाना आम दृश्य है. कई भवनों में बड़ी-बड़ी दरारें हैं, जो बच्चों और शिक्षकों के लिए रोजाना डर का माहौल बनाती हैं.
राजधानी रायपुर में भी है खतरनाक स्थिति: रायपुर जिले के 1450 सरकारी स्कूलों में से 130 जर्जर हैं और 21 पूरी तरह डिस्मेंटल योग्य हैं. जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती ने साफ निर्देश दिए हैं,कि किसी भी स्थिति में जर्जर भवन में क्लास न लगाई जाए. इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है,ताकि बच्चों की जान और पढ़ाई दोनों सुरक्षित रहें.
आवश्यक सुविधाओं की लंबी लिस्ट: जिले के 48 स्कूलों में प्रार्थना स्थल, 34 में आहाता निर्माण, और 26 में शौचालय की आवश्यकता है. साथ ही कई भवनों में नए क्लासरूम बनाने की जरूरत है. सभी कार्यों के लिए लगभग 36 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च बताया गया है.
मरम्मत, डिस्मेंटल और निर्माण के लिए राशि जारी: मरम्मत के लिए DPI से 1 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है. इसके अलावा, जिला खनिज न्यास निधि (DMF) से भी राशि मांगी गई है. कुछ स्कूलों का डिस्मेंटल कार्य RES और SDL के माध्यम से शुरू हो चुका है. अधिकारियों का कहना है कि यह एक सतत प्रक्रिया है और जैसे-जैसे बजट प्राप्त होता है, कार्य आगे बढ़ता है.

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