शासकीय प्राथमिक शाला सिरशोभा में रक्षाबंधन पर्व धूमधाम से मनाया गया

महासमुंद/सरायपाली :- शासकीय प्राथमिक शाला सिरशोभा में रक्षाबंधन पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सर्वप्रथम ज्ञान की देवी मां सरस्वती,भारत माता,छत्तीसगढ़ महतारी के छाया चित्र की पूजा अर्चना कर शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात बहनों ने भाई के कलाई में तिलक चंदन आरती उतार कर रक्षा सूत्र बांधा।भाइयों ने रक्षा सूत्र बांधवाकर बहनों की रक्षा करने का वचन दिया। भाई-बहनों ने एक दूसरे को मुंह मीठा कराया। प्रधान पाठक दुर्वादल दीप ने भाई बहन के पवित्र रिश्ते के बारे में उदाहरण देकर समझाया।सहायक शिक्षक राजकुमार भोई ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर रक्षा मंत्रोच्चारण कर रक्षा सूत्र छात्र-छात्राओं एवं शाला परिवार द्वारा जीवनदायनी वृक्षों को रक्षा सूत्र बांधकर सुरक्षा करने का संकल्प लिया।

रक्षाबंधन का पावन पर्व केवल धागे का बंधन नहीं, यह आत्मा का संकल्प और ईश्वर के साक्षी में दिया गया प्रेम व सुरक्षा का व्रत है।

ऋग्वेद में वर्णित रक्षासूत्र की परंपरा हमें स्मरण कराती है कि यह रक्षा केवल शरीर की नहीं, अपितु धर्म, सत्य और सद्गुणों की भी है।

लक्ष्मी-वामन और बलि के प्रसंग की भांति यह बंधन त्याग, समर्पण और आत्मीयता का प्रतीक है।

जब बहन सच्चे मन से राखी बांधती है, तो वह एक अदृश्य आध्यात्मिक कवच रच देती है।

त्रिशूल, ओम्, स्वास्तिक, रुद्राक्ष या तुलसी से युक्त रक्षा-सूत्र भाई के जीवन में शुभता, बल और शांति का संचार करता है।

ईश्वर से प्रार्थना है कि यह पावन बंधन आपके जीवन में प्रेम, सुरक्षा और आध्यात्मिक उन्नति का प्रकाश फैलाए।

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