महिला आयोग की जांजगीर चाँपा मे सुनवाई

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने जिला कलेक्ट्रोरेट सभा कक्ष जांजगीर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रस्तुत प्रकरणों पर जनसुनवाई की छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज प्रदेश स्तर पर 343 व जांजगीर जिले में 12 सुनवाई हुई। 

आज के सुनवाई के दौरान दोनो के मध्य पारिवारिक संपत्ति के बटवारे का प्रकरण तहसील अकलतरा से निराकरण हो चुका है मौके पर सीमांकन और अपने जमीन का चिन्हांकन कराना शेष है इस हेतु दोनो को समक्षाईश दिया गया। दोनो की  आपसी रजामंदी से जमीन का बटवारा कर लेवंे इस निर्देश के साथ निराकरण कर लें। प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया। आवेदिका अनावेदिका पक्ष को निःशुल्क प्रतिलिपि दिया गया।

अन्य प्रकरण में दोनो पक्षों के मध्य अब तक हुए समस्त शिकायतों एवं विवादों को विस्तार से सुना गया दोनो पक्षों को समक्षाईश दिया गया इस पर अनावेदक प्रभारी प्राचार्य ने आयोग के समक्ष आवेदिका से माफी मांगा इस पर आवेदिका ने अपने सहमती दिया पर यह मांग रखी है कि भविष्य में आवेदिका के साथ दोबारा अपमानजनक कथनो का प्रयोग अनावेदक के द्वारा नहीं किया जावेगा। इस स्तर पर इस प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया। लेकिन भविष्य में इस विषय के पुनरावृत्ति न हों इस हेतु स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र भेजा जायेगा कि दोनो का स्थानांतरित कर दिया जाये। इस निर्देश के साथ प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।

अन्य प्रकरण में अनावेदकगण आवेदिका का पति कुल 4 भाई 2 बहन है और कुछ जमीनो पर कुछ भाईयों का नाम खरीदी दिनांक से है तथा कुछ जमीन पर बहनों के नाम दर्ज है आवेदिका का कथन है कि दो बहनों को हिस्सा न दिया जावे। पिता की मृत्यु 1993 में हुई है उसके बाद की फौती में मां और बहनों का नाम भी दर्ज हुआ था अतः इस संपूर्ण प्रकरण को तहसील अकलतरा के तहसील आफिस से उभय पक्ष अपना निराकरण करा लेंवे इस निर्देश के साथ प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।

अन्य प्रकरण में दोनो को विस्तार से सुना दोनो का एक 08 वर्षीय पुत्र है तथा 05 मांह की गर्भवती है दोनो पक्ष साथ रहने को तैयार है। इस पूरे मामले की सखी प्रशासिका और प्रोटेक्शन आफिसर की निगरानी में दिया जाता है। उभय पक्ष को समय समय पर निगरानी तथा 01 वर्ष तक निगरानी किया जावेगा। अनावेदक आवेदिका को मायके से कल दिनांक 13.09.2025 को लिवाकर लायेगा एवं सखी से इकरारनामा निस्पादित करेंगे इस निर्देश के साथ प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। सखी सेंटर एवं नवाबिहान को प्रकरण की आर्डर कापी निःशुल्क दिया गया। 

अन्य प्रकरण में दोनो पक्षो के मध्य शिवरीनारायण तह. से बटवारे एवं संपत्ति का विवाद का निराकरण हो चुका है। यदि आदेश अनावेदकगण नहीं मानते है तो उन्हे एसडीएम कार्यालय में अपनी शिकायत करें। आवेदिका के हिस्से में जबरदस्ती कब्जा की कार्यवाही नहीं कर सकते है इस निदेश के साथ प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।

अन्य प्रकरण में दोनो को विस्तार से सुना गया अनावेदक ने आयोग के समक्ष यह स्वीकार किया कि वह आदिवासी समाज से आता है और शराब के नशे में आवेदिका के विरूद्ध आजाद थाना में एफआईआर करा दिया है जिसे वापस लेना चाहता है और भविष्य में  आवेदिका एवं उनके परिवार जनों के साथ कोई दुर्व्यवाहर नहीं करेगा। अनावेदक के माफीनामे के बाद अपना प्रकरण वापस लेना चाहा। इस स्तर पर आयोग की सुनवाई में उपस्थित महिला सेल की प्रधान आरक्षक को आज की आर्डर शीट निः शुल्क दिया जाता है जिसके आधार पर वह अनावेदक द्वारा आवेदिका के विरूद्ध अपराधिक प्रकरण को खात्मा कराने के लिये आयोग की आर्डर शीट को प्रस्तुत करेंगी, जिसमें अनावेदक ने अपने हस्तलिपि में लिखा है कि आवेदिका के  विरूद्ध अपना केस वापस लेना चाहता हूं। आयोग के समक्ष दोनो पक्ष का एक सुलहनामा के आधार पर प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।

अन्य प्रकरण में प्रकरण आवेदिका अनुपस्थित आवेदिका ने अनावेदक के खिलाफ पुलिस में शिकायत किया था उसकी जांच हुई है। जहां आवेदिका ने अपने ही आरोपों को निराधार बताया है। इस पर उप पुलिस अधीक्षक जांजगीर का प्रतिवेदन अनावेदक ने प्रस्तुत किया है। जिसमे आवेदिका की कथन भी संलग्न है उसके हस्ताक्षर का मिलान आवेदन से किया गया। उक्त आधार पर प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।

अन्य प्रकरण में आवेदिका उपस्थित अनावेदक अनुपस्थित पुलिस से बर्खास्त कर दिया गया है ऐसी दशा में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का अधिकार आवेदिका को है उसे समझाईश दिया गया वह जांच एसपी को विस्तृत शिकायत प्रस्तुत करें तथा अनावेदक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करावे एसपी जांजगीर को पत्र प्रेषित किया जावेगा कि इस आवेदिका के मामले में 02 माह के अंदर एफआईआर दर्ज करे तथा आयोग को उसकी सूचना करें। आवेदिका को आज की आर्डरशीट निःशुल्क दिया गया। प्रकरण पुलिस प्रतिवेदन हेतु दिया गया।

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