महासमुंद/सरायपाली :- रजत जयंती वर्ष एवं पोषण माह 2025 के अंतर्गत विभिन्न थीम पर महिला बाल विकास विभाग द्वारा सरायपाली विकासखंड के सभी आँगनबाड़ी केंद्रो मे पोषण माह का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है ।
पोषण माह के तहत आज स्तनपान के शीघ्र शुरुआत पर जागरूकता, पोषण आहार पर जागरूकता, स्वछता एवं हाथ धुलाई का कार्यक्रम आयोजित सरायपाली विकासखंड के आँगनबाड़ी केंद्रो मे आयोजित किया गया ।
हाथ धुलाई कार्यक्रम हाथों की स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाए जाता हैं ताकि बीमारियों को रोका जा सके. इसमें सही तरीके से साबुन और पानी से हाथ धोना शामिल है, जिसमें कम से कम 20 सेकंड तक रगड़ना और कलाइयों, उंगलियों के बीच, नाखूनों के नीचे और अंगूठे के आधार को अच्छी तरह साफ करना शामिल है. आज कार्यक्रम आयोजित किये गये ताकि बीमारियों से बचाव के सरल और प्रभावी तरीके के रूप में हाथ धोने की आदत को बढ़ावा दिया जा सके.
कार्यक्रम के उद्देश्य:
जागरूकता बढ़ाना: बीमारियों से बचने के लिए साबुन और पानी से हाथ धोने के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करना.
बीमारियों को रोकना: हाथ धोने से श्वसन और आंतों से संबंधित बीमारियों को 25-50% तक कम किया जा सकता है.
स्वच्छता की आदत डालना: बच्चों और समुदायों में नियमित रूप से हाथ धोने की आदत को प्रोत्साहित करना.
सही तरीके से हाथ धोने के चरण:
पानी से गीला करें: अपने हाथों को पानी से गीला करें.
साबुन लगाएँ: पर्याप्त मात्रा में साबुन लगाएँ.
झाग बनाएँ और रगड़ें: कम से कम 20 सेकंड तक हथेलियों, हाथों के पिछले हिस्से, उंगलियों के बीच की जगह, नाखूनों के नीचे और कलाइयों को अच्छी तरह रगड़ें.
धोये साफ : बहते पानी से अपने हाथों को अच्छी तरह धोलें
सुखाएँ : एक साफ तौलिये से अपने हाथों को सुखा लें या हवा में सूखने दें.
महिला बाल विकास पर्यवेक्षक श्रीमती दीक्षा बारीक ने कहा कि स्वास्थ्य और स्वच्छता का सीधा संबंध है। उन्होंने कहा कि खाना खाने से पहले, खाना खाने के बाद और शौचालय उपयोग के बाद हमेशा साबुन से हाथ धोएं ऐसा न करने पर हाथों पर मौजूद बैक्टीरिया भोजन के साथ शरीर में चले जाते हैं जिससे डायरिया, उल्टी-दस्त जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। उन्होंने बच्चों को सही तरीके से हाथ धोने की विधि भी प्रदर्शित कर समझाया और स्वच्छता को आदत बनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों व जन समुदाय में स्वच्छता और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था, ताकि वे स्वस्थ समाज जीवन मे बेहतर प्रदर्शन कर सके ।










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