आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं का धरना प्रदर्शन

 

महासमुंद :- आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को तृतीय श्रेणी और सहायिकाओं को चतुर्थ श्रेणी शासकीय कर्मचारी का दर्जा, शासकीय दर्जा मिलने तक देशभर में एक समान वेतन लागू  कार्यकर्ताओं को 26 हजार सहायिकाओं को 22,100 प्रतिमाह वेतन, सेवानिवृत्ति पर पेंशन सहित 8 सत्रीय मांगों को लेकर सोमवार को 'संयुक्त मंच के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका प्रदेशव्यापी आंदोलन पर रहे। स्थानीय नया रावणभांठा स्थित दशहरा मैदान में कार्यकर्ता सहायिकाओं ने धरना दिया और शासन के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। आंदोलन में जिलेभर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं शामिल हुईं, जिससे आंगनबाड़ी का कार्य बुरी तरह प्रमावित हुआ। बताया गया कि धरना-सभा के बाद रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगी। आंदोलन का नेतृत्व कर रही सुधा रात्रे, द्रोपती साहू और सुलेखा शर्मा ने कहा कि सेवाएं 50 वर्ष पूरे होने के बाद भी कार्यकर्ता सहायिकाओं को न तो शासकीय कर्मचारी का दर्जा मिला और न ही न्यूनतम मजदूरी व सामाजिक सुरक्षा। आज हम संयुक्त मंच के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को तृतीय श्रेणी और सहायिकाओं को चतुर्थ श्रेणी शासकीय कर्मचारी का दर्जा, शासकीय दर्जा मिलने तक देशभर मे एक समान वेतन लागू करने, कार्यकर्ताओं को 26 हजार व सहायिकाओं को 22,100 प्रतिमाह वेतन सेवानिवति " पर पेंशन, ग्रेच्युटी, समूह बीमा एवं कैशलेस चिकित्सा ' सुविधा, सहायिकाओं को कार्यकर्ता तथा कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति.पोषण ट्रैकर, डिजिटल अनिवार्यताओं को समाप्त कर ऑफलाइन प्रणाली लाग् की जाए, महंगाईं भत्ता एवं न्यूनतम वेतन संबंधी गुजरात उच्च न्यायालय का आदेश छत्तीसगढ में भी लाग् किया जाए, सेवा निवृत्ति के बाद कार्यकर्ताओं को 10 हजार एवं सहायिका कौ 8 हजार मासिक पेंशन. साथ ही क्रमशः 5 लाख एवं 4 लाख ग्रेच्यट, आकस्मिक मृत्यु पर परिवार को अनुकंपा नियक्ति आदि मांगों को लेकर धरना दे रही हैं। उन्होंने बताया कि संघ की हड़ताल से जिले की आंगनबाड़ी कार्य में समस्त गतिविधियां बंद है।

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