सरायपाली : पोषण माह कार्यक्रम जटाकन्हार मे, श्रीमती भास्कर द्वारा गोद भराई व अन्नप्रासन की रस्म किया गया ।

महासमुंद :-  सरायपाली के जटाकन्हार स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में 29 सितंबर 2025, सोमवार को राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया । महिला बाल विकास द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पोषण पर चर्चा-परिचर्चा और श्रीमती भास्कर श्रीमती उषा पटेल की हाथो से पोषण किट द्वारा गोद भराई, व अन्नप्रासन की रस्म हुआ । कार्यक्रम मे श्रीमती कुमारी भास्कर सभापति जिला पंचायत, श्रीमती  उषा पटेल सभापति महिला बाल विकास सरायपाली, श्री उद्धव नंद जी सभापति जनपद पंचायत सरायपाली, की गरिमामयी उपस्थिति मे कार्यक्रम सम्पन्न हुआ ।


श्रीमती भास्कर ने गर्भवती और धात्री महिलाओं को संतुलित आहार व स्वस्थ जीवन शैली के लिए कहा उन्होंने गर्भावस्था और प्रसव के बाद हरी सब्जियों, दाल, फल और दूध जैसे पौष्टिक आहार के सेवन पर जोर दिया, ताकि मां और शिशु दोनों स्वस्थ रहें और उन्हें समुचित पोषण मिल सके । संतुलित आहार और पोषण से मां व बच्चे के स्वस्थ रहने की बात कही। 

श्रीमती उषा पटेल ने उपस्थित परिजनों से आग्रह किया कि गर्भ के पहले तिमाही में गर्भवती का पंजीकरण कराएं, नियमित जांच करवाएं 

श्री उद्धव नंद ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से समुदाय में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ती है, जिससे एक स्वस्थ और सक्षम समाज का निर्माण होता है।

श्री रामसिंग मिरी परियोजना अधिकारी ने पोषण माह 2025 की थीम पर आयोजित कार्यक्रम के बारे मे विस्तार से बताया साथ हि साथ सेवा पखवाड़ा आदि कर्मयोगी के बारे मे बताया गया आदि कर्मयोगी अभियान जिसमे जनजातीय लोगो को विकसित भारत अभियान के तहत ग्रामीणों मे लीडरशिप की भावना पैदा करने उनको सशक्त बनाने और शासकीय योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ दिलाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है । 

राष्ट्रीय पोषण माह, पोषण साक्षरता और स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देने के लिए जन आंदोलन को आगे बढ़ा रहा है। इस वर्ष के संस्करण में कुपोषण को दूर करने और स्थायी स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए नवीन और समावेशी विचारों पर प्रकाश डाला गया है। उन्होंने बताया : मोटापे की समस्या का समाधान - चीनी और तेल का इस्तेमाल कम करना : इसका मकसद मोटापे से निपटने के लिए सुलभ वातावरण बनाना और एक स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए कम तेल और चीनी के सेवन के बारे में जागरूकता पैदा करना है।

"मोटापा हमारे देश के लिए एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। आने वाले सालों में हर तीसरा व्यक्ति इसका शिकार होगा। हमें खुद को मोटापे से बचाना होगा। इसलिए, मैं आपको एक छोटा सा सुझाव देना चाहूँगा, खाना बनाते समय 10% कम तेल का इस्तेमाल करें।"

प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल तथा शिक्षा (ईसीसीई)/पोषण भी पढ़ाई भी (पीबीपीबी) : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप, आंगनवाड़ी केंद्रों (एडब्ल्यूसी) में दुनिया का सबसे बड़ा उच्च-गुणवत्ता वाला प्रीस्कूल नेटवर्क विकसित करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समग्र बाल विकास के लिए पोषण को प्रारंभिक शिक्षा के साथ एकीकृत किया जाएगा।

एक पेड़ माँ के नाम: पर्यावरणीय स्थिरता को पोषण जागरूकता के साथ एकीकृत करता है, दीर्घकालिक स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए वृक्षारोपण और पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को प्रोत्साहित करता है।

“बच्चों का पोषण सर्वोच्च प्राथमिकता है। हालाँकि पूरे साल उनके पोषण पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, लेकिन एक महीना ऐसा होता है, जब पूरा देश इस पर खास ज़ोर देता है।”

शिशु एवं छोटे बच्चों के आहार (आईवाईसीएफ) प्रथाएँ: बेहतर पोषण के लिए दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए आहार प्रथाओं को बेहतर बनाने का लक्ष्य, जिसमें सही मात्रा में स्तनपान और पूरक आहार पर ज़ोर देना शामिल हैं।

पोषण और देखभाल में पुरुषों की भागीदारी: परिवार और सामुदायिक स्वास्थ्य में साझा ज़िम्मेदारी को बढ़ावा देने के लिए पोषण जागरूकता और देखभाल संबंधी भूमिकाओं में पुरुषों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देता है।

पोषण ट्रैकर ऐप: पोषण का डिजिटलीकरण     

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 1 मार्च 2021 को लॉन्च किया गया, पोषण ट्रैकर एक मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसे पोषण अभियान के तहत पोषण सेवा वितरण को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह बच्चों में बौनेपन, कमज़ोरी और कम वज़न की व्यापकता की वास्तविक समय में पहचान और निगरानी को सक्षम बनाता है, साथ ही कुशल सेवा वितरण उपकरणों और प्रदर्शन ट्रैकिंग के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद करता है। यह ऐप अहम और लाभार्थी-केंद्रित सेवाएँ प्रदान करता है और बेहतर नतीज़ों के लिए वास्तविक समय डेटा विश्लेषण को बढ़ावा देता है ।

श्रीमती दीक्षा बारीक प्रशासनिक अधिकारी महिला बाल विकास सरायपाली द्वारा विस्तार से महिला बाल विकास की योजनाओं को कार्यक्रम मे बताया गया तथा जन जागरूकता किया गया । कार्यक्रम मे सभी को बाल विवाह मुक्त के लिए शपथ दिलाया गया ।

आज की सफल कार्यक्रम का मंच संचालन श्रीमती चंद्रिका कुमार पर्यवेक्षक  महिला बाल विकास सरायपाली द्वारा किया गया ।

आज की कार्यक्रम मे श्रीमती कुमारी भास्कर सभापति जिला पंचायत महासमुंद, श्रीमती उषा पटेल सभापति महिला बाल विकास सरायपाली, श्री उद्धव नंद सभापति जनपद पंचायत सरायपाली, श्री लाल कुमार पटेल सभापति प्रतिनिधि सरायपाली, श्री हरीशंकर नेटी सरपंच, जुगेश्वर चौधरी सचिव, आ बा कार्यकर्ता व ग्रामीण जन उपस्थित रहे ।

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