सरायपाली : प्रतिभा कॉलेज में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत मिस्टर व मिस फ्रेशर बने रामकुमार और अनिता पटेल, स्वागत गीतों से सजा मंच



सरायपाली :- प्रतिभा कॉलेज ऑफ एजुकेशन, बालसी, सरायपाली में दिनांक 07 अक्टूबर 2025 को इंडक्शन क्लास एवं वेलकम सेरेमनी का आयोजन अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करना, उन्हें शिक्षक शिक्षा के उद्देश्यों से अवगत कराना तथा उनके शैक्षणिक जीवन की नई यात्रा का शुभारंभ करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्पार्पण से हुआ। इस अवसर पर सभी प्राध्यापकगण, नवप्रवेशी विद्यार्थी तथा वरिष्ठ विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक श्री समित कुमार बारिक द्वारा अत्यंत व्यवस्थित रूप से किया गया। कॉलेज के प्राचार्य श्री आर. के. चौधरी ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए कहा कि इंडक्शन क्लास विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण की पहली सीढ़ी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम और ईमानदारी को जीवन के मूल मंत्र के रूप में अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि शिक्षण केवल पेशा नहीं, बल्कि यह सेवा और समाज निर्माण का कार्य है। शिक्षक वह दीपक है जो स्वयं जलकर दूसरों के जीवन को आलोकित करता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. आभाष अग्रवाल (डायरेक्टर प्रतिभा ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूट) ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक समाज के विकास का केंद्र बिंदु है। उन्होंने कहा कि शिक्षक शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान का हस्तांतरण नहीं, बल्कि मूल्यपरक शिक्षा के माध्यम से समाज में नैतिकता, मानवता और सहयोग की भावना स्थापित करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी सोच को सकारात्मक रखें, तकनीकी साधनों का उपयोग शिक्षा में सुधार हेतु करें और जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने का संकल्प लें। डॉ. अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में यह भी कहा कि आज के समय में शिक्षक को निरंतर सीखने की प्रक्रिया में रहना चाहिए। शिक्षा एक ऐसा क्षेत्र है जो समय के साथ बदलता रहता है, अतः शिक्षकों को भी नित नए नवाचारों और शिक्षण विधियों को अपनाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि वे अपने भीतर नेतृत्व गुणों को विकसित करें, क्योंकि एक अच्छा शिक्षक हमेशा अपने विद्यार्थियों के लिए आदर्श होता है। इसके पश्चात B.Ed. विभाग के CLO (Course Learning Outcomes) एवं PLO (Program Learning Outcomes) की जानकारी श्री मुकेश कुमार पटेल ने दी। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि CLO एवं PLO किसी भी शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम की आत्मा होते हैं, जो शिक्षण के उद्देश्यों को स्पष्ट दिशा देते हैं। उन्होंने बताया कि कैसे प्रत्येक विद्यार्थी को शैक्षणिक गतिविधियों, फील्ड वर्क, प्रैक्टिकल टीचिंग और मूल्यांकन के माध्यम से एक कुशल शिक्षक बनने की दिशा में अग्रसर होना चाहिए। वहीं D.El.Ed. विभाग की CLO एवं PLO प्रस्तुति श्रीमती दमयंती मैडम द्वारा दी गई। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा के स्तर पर शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि यही वह समय होता है जब बच्चे के व्यक्तित्व की नींव रखी जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को बाल मनोविज्ञान, रचनात्मक शिक्षण विधियों, समावेशी शिक्षा और नैतिक मूल्यों के शिक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत नवप्रवेशी विद्यार्थियों द्वारा स्वागत गीत, समूह नृत्य, नाटक और कविताएँ प्रस्तुत की गईं। छात्रों के जोश और उत्साह ने पूरे परिसर का वातावरण आनंदमय बना दिया। इसी क्रम में मिस्टर फ्रेशर का खिताब रामकुमार और मिस फ्रेशर का खिताब अनिता पटेल को प्रदान किया गया। निर्णायक मंडल ने बताया कि दोनों ने अपनी आत्मविश्वासी प्रस्तुति, वाक्-कौशल और व्यक्तित्व के आधार पर यह सम्मान प्राप्त किया। इस अवसर पर तालियों की गड़गड़ाहट से सभागार गूंज उठा। इस आयोजन की सफलता में सभी प्राध्यापकों का भी विशेष योगदान रहा। तथा सभी ने आयोजन की तैयारी में सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम में कॉलेज के समस्त प्राध्यापकों ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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