मुआवजा जारी होने के बाद भू-अर्जन शाखा में पदस्थ अमीन पटवारी बिहारी सिंह तथा ऑपरेटर राजकुमार ने किसान से ₹1,80,000 की रिश्वत की मांग की। किसान ने रिश्वत देने से इंकार करते हुए दोनों को पकड़वाने की ठान ली। सत्यापन के बाद एसीबी ने ट्रैप योजना तैयार की।
रिश्वत लेते ही पकड़ गए अधिकारी-कर्मचारी – आज 30 अक्टूबर को किसान को रिश्वत की तय रकम लेकर ऑफिस भेजा गया। जैसे ही आरोपी अमीन पटवारी ने रकम हाथ में ली, डीएसपी एसीबी अजितेश सिंह के नेतृत्व में छिपी टीम ने दबिश देकर दोनों आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार कर लिया।पूरी रकम मौके से बरामद कर ली गई। अचानक हुई कार्रवाई से कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई – दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 12 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
36वीं सफल ट्रैप कार्रवाई – एसीबी सूत्रों के अनुसार, पिछले डेढ़ साल में बिलासपुर एसीबी द्वारा यह लगातार 36वीं बड़ी रिश्वत ट्रैप कार्रवाई है। एसीबी ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

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