कृष्णांजन(हेरना)गोत्रीय सरसरिया प्रधान परिवार का द्वितीय वार्षिक सम्मेलन भोथलडीह में संपन्न हुआ

 


महासमुंद :- कृष्णांजन(हेरना)गोत्रीय सरसरिया प्रधान परिवार का द्वितीय वार्षिक सम्मेलन ग्राम भोथलडीह में आयोजित किया गया। सर्वप्रथम समस्त बंधुओं का मुख्य द्वार पर चंदन,तिलक के साथ पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री कैलाश शंकर प्रधान, अध्यक्षता श्री वशिष्ठ प्रधान, विशिष्ट अतिथि संचालन समिति के सदस्य शंभूकर प्रधान, प्रफुल्ल प्रधान, चंद्रहास प्रधान(सरायपाली) नयन प्रधान, संजय प्रधान(बसना)हरिचरण प्रधान, नंदलाल प्रधान(पिथौरा) घनश्याम गुप्ता (रायगढ़)किसान समृद्धि संयोजक, डॉ रक्षपाल गुप्ता (रायपुर) भूतपूर्व रजिस्टार आयुष, गोवर्धन प्रधान (महासमुंद) नारायण साहू (सोनपुर)मंचासीन थे। 

साथ ही कार्यक्रम में जोन प्रभारी हनुमान प्रधान,कुलदीप प्रधान गोहेदादर ,राधेश्याम प्रधान, अश्विन प्रधान झगरेनडीह,  संजय प्रधान, रवि प्रकाश प्रधान सलडीह, संजय प्रधान, गोकुला प्रधान सांकरा ,नरेश प्रधान,संजय प्रधान भोथलडीह, निर्मल प्रधान, श्रीबच्छ प्रधान छिबर्रा उपस्थित थे। सर्वप्रथम ईष्ट देव श्रीश्रीश्री रणेश्वर बाबा, श्री श्रीश्री रामचंडी देवी, श्रीश्री श्री लक्ष्मी नारायण एवं ग्राम देवी देवताओं की पूजा अर्चना धूप दीप,अगरबत्ती,पुष्प,नारियल से समस्त अतिथियों एवं सरसरिया प्रधान परिवार द्वारा किया गया। पूजा अर्चना महाआरती के साथ देवी देवताओं का आह्वान कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। सरसरिया परिवार के बयोवृद्धों का श्रीफल,अंगवस्त्र से सम्मानित कर आशीर्वाद लिया गया। पुरुष वर्ग के द्वारा हरि बोल और महिला वर्ग के द्वारा हुलहुली पारंपरिक जय घोष के द्वारा सभी का स्वागत किया गया। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अलावा सीमावर्ती राज्य उड़ीसा से पधारे अतिथि भी मंचासीन थे।विदित हो कि सरसरिया प्रधान परिवार मूलत: कोलता समाज के प्रथम गांव बौद्ध जिला के सरसरा गांव के मूल निवासी हैं। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य 140 गांव में निवासरत 1100 परिवार के 8500 की जनसंख्या में निवासरत बंधु भगिनियों को एक मंच में लाना,आपसी परिचय बढ़ाना,संस्कारों का संवर्धन करना एवं सामाजिक एकता को ससुदृढ़ बनाना रहा। इसके पश्चात संस्कार एवं परंपरा की रक्षा के लिए समस्त परिवारिक भाइयों में एकता, भविष्य में समाज की उन्नति, शिक्षा, स्वास्थ्य,रोजगार एवं सांस्कृतिक संरक्षण पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

हमारा सरसरिया प्रधान परिवार मूलत: कृषि जीवि है इस कारण एक दूसरे की आवश्यकता महसूस करते हुए सामाजिक समरसता का मुख्य संवाहक है जिसे आगे बनाए रखना अपितु मूलतः कृषि जीवि होने के बाद भी आज शिक्षा और व्यवसाय के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहे हैं। विशेष कर हमारा परिवार शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानक प्रतिशत से कहीं अधिक शिक्षित है हमारा सरसरिया प्रधान परिवार मुख्यतः शिव और शक्ति के उपासक श्रीश्रीश्री रणेश्वर एवं श्रीश्रीश्री रामचंडी को ईष्ट देवी - देवता के रूप में मानते हैं। प्रत्येक समाज में तीन प्रमुख स्त्रोत है (1) उसका कुल (2) उसका वंश (3)उसका गोत्र इसी भ्रम में हमारा सरसरिया परिवार बाबा बिसासहे कुल एवं सरसरिया वंश तथा कृष्णांजन गोत्रीय है।हमारी पूजा विधि भी मूलतः सत्य,सनातन, हिंदू धर्म में उल्लेखित वैदिक संस्कृति के रूप में घोषित है। उद्बोधन की कड़ी में मोक्ष प्रधान जिला पंचायत सदस्य ने परिवार जनों को नमन करते हुए अर्जन की सराहना की और कहा कि कोलता समाज में सरसरिया परिवार से और बड़ा कोई परिवार नहीं है। 

हरिचरण प्रधान संरक्षण छत्तीसगढ़ ने सभी बंधुओ को शुभकामना देते हुए हमें हर समय देवी देवताओं का आह्वान करते रहना चाहिए तथा बुजुर्गों का सम्मान करते हुए सामूहिक परिवार में जीवन व्यतीत करना चाहिए कहा। डॉ.रक्षपाल गुप्ता ने हम सभी को युवाशक्ति,नारी सशक्तिकरण एवं सामाजिक उन्मूलन पर काम करना चाहिए कहा। मुख्य अतिथि प्रधान जी ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए अपने परिवार के विस्तार को देखकर गदगद हो गए और सभी को संगठित होकर कार्य करने के लिए कहा। गौ सेवा, शिक्षा, समाज का आधार बताया। भागीरथी प्रधान जगलबेढ़ा ने स्वादिष्ट भोजन का व्यवस्था किया। आभार प्रदर्शन संजय प्रधान  द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन नरेश प्रधान और तोष प्रधान ने किया।

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