महासमुंद/सरायपाली :- भारत पोलियो मुक्त है । लेकिन पोलियो कुछ देशों में अभी भी है और फिर लौट सकता है। अपने बच्चे की सुरक्षा में कोई चूक न होने दे । पोलियो की खूराक हर बार दिलाएं। पोलियो पर देश की जीत बनाए रखने में योगदान दे । पल्स पोलियो अभियान भारत सरकार का एक प्रमुख टीकाकरण अभियान है जिसका उद्देश्य देश से पोलियोमाइलाइटिस (पोलियो) बीमारी को पूरी तरह खत्म करना है।
अभियान का उद्देश्य
इस अभियान का मुख्य लक्ष्य 5 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को ओरल पोलियो वैक्सीन (OPV) की खुराक पिलाकर उन्हें पोलियो वायरस से सुरक्षित रखना है। भारत को 2014 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा पोलियो मुक्त प्रमाणित किया जा चुका है, लेकिन इस स्थिति को बनाए रखने के लिए यह अभियान अभी भी जारी है, ताकि वायरस के किसी भी संभावित प्रसार को रोका जा सके।
"दो बूंद ज़िंदगी की": यह अभियान अपनी प्रसिद्ध टैगलाइन "दो बूंद ज़िंदगी की" के लिए जाना जाता है, प्रत्येक राष्ट्रीय और उप-राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस (NID/SNID) पर लगभग 170 मिलियन बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाती है।
बूथ और घर-घर अभियान:
पहले दिन बच्चों को बूथों पर दवा पिलाई जाती है, जिसके बाद स्वास्थ्य कार्यकर्ता आँगनबाड़ी कार्यकर्ता छूटे हुए बच्चों का पता लगाने के लिए घर-घर जाकर खुराक देते हैं ।
अधिक जानकारी के लिये आँगनबाड़ी कार्यकर्ता/ए एन एम/आशा से मिले

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