सोमनाथ मंदिर पर हुए आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण होने पर देश भर मे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा

महासमुंद/सरायपाली :- सोमनाथ मंदिर पर हुए प्रथम आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण होने पर देश भर में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है।

इस अवसर पर आज 10/01/2026 को सरायपाली में स्थित शिव मंदिर में भाजपा जिला मंत्री, श्रीमती कुमारी भास्कर सभापति जिला पंचायत महासमुंद द्वारा विधिवत् पूजा कर ओंकार का जाप किया गया तथा भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित कर सभी क्षेत्रवासियों के लिए मंगलकामना कर आर्शीवाद लिया गया ।

"सोमनाथ स्वाभिमान पर्व" भारत की उस सनातन चेतना का स्मरण है, जो सहस्राब्दियों के आघातों के बावजूद कभी क्षीण नहीं हुई। 1026 से लेकर इतिहास के अनेक कठिन दौरों तक सोमनाथ पर प्रहार हुए, पर हर बार यह तीर्थ और अधिक तेजस्वी होकर खड़ा हुआ। सोमनाथ मंदिर, भारत के स्वाभिमान, सांस्कृतिक दृढ़ता और सभ्यतागत निरंतरता का शाश्वत प्रतीक है।

माननीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के आह्वान  पर अधिक से अधिक नागरिकों को इस अभियान से जोड़ने का आग्रह किया। यह पहल हमारी सांस्कृतिक चेतना को जन-जन तक पहुँचाने और राष्ट्रीय स्वाभिमान को सुदृढ़ करने का सार्थक प्रयास है।

प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ महादेव भारतीय संस्कृति के राष्ट्रीय स्वाभिमान और अजेय आस्था का प्रतीक है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि सनातन धर्म की दृढ़ता और विजय का जयघोष है। सोमनाथ का प्रथम मंदिर लगभग 2000 वर्ष पुराना है। शुरुआत के 1000 सालों तक यह मंदिर अत्यंत समृद्ध और अटूट रहा, जिसकी ख्याति सुनकर गजनवी ने आक्रमण किया था। हालांकि, सोमनाथ प्रजा के स्वाभिमान का प्रतीक है। जब-जब इस मंदिर को तोड़ा गया, तब-तब प्रजा और राजाओं ने मिलकर उसे फिर से खड़ा किया। मंदिर का मौजूदा स्वरूप आठवीं बार का पुनर्निर्माण है। 

Post a Comment

0 Comments