महासमुंद जिले में बारिश का मौसम सक्रिय होते ही किसानों के लिए खुशी की खबर आई और कुछ दिनों से जिले में रुक-रुक कर बारिश हो रही थी. कहीं-कहीं तेज बौछारों ने खेतों को तर कर दिया है, जिससे धान की रोपाई में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है. किसानों ने खेतों की ओर रुख कर लिया है. धान की रोपाई का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है ।
जिले की जनप्रतिनिधि श्रीमती कुमारी भास्कर सभापति जिला पंचायत महासमुंद इन दिनों महिलाओ के लिए आदर्श बनी हुई है जहा पर पुरुष प्रधान समाज अपनाई हुई है वहा एक महिला खेती किसानी कार्य करके आदर्श स्थापित करके समाज मे संदेश दे रही है की महिलाएँ हर क्षेत्र मे अपना छाप छोड़ सकती है ।
कुमारी भास्कर को समर्पित यह कविता
माटी के मया, आंखी मं जोती,
सभापति दिदि – छत्तीसगढ़ के मोती।
हाथ मं ट्रेक्टर, दिल मं सेवा,
हर खेत-खार मं भर देथें मेवा।
ना साज-श्रृंगार, ना राज गुमान,
किसानी मं दिखथे नेता के पहचान।
स्वास्थ्य के देखवइया, पंचायत के गहना,
फेर खेत मं जुते – धरती के सपना।
भोर बिहनिया जब सबेरे उठथें,
मइका के मया संग हल पकड़ लेथें।
नारी सशक्तिकरण के असली छायाचित्र,
भास्कर दिदि के कारज गजब के प्रेरणास्रोत।
कहे गाँववाले – "इहेंच ह हमर दिदि,
लइका-जवान ला देथे हिम्मत के बिदि।
कुर्सी मं बइठे अउ खेत मं काम,
ए दूनों मं राखे समान बखान।"
जय हो भास्कर दिदि के पराक्रम,
जहाँ सेवा, माटी अउ मया मं संग्राम।
धरती मं झुकत हे गगन के नजर,
जब दिदि चलावत हे ट्रेक्टर के पहर।
जय जवान जय किसान आज की महिला, कम किसी से नही है महिलाये हर क्षेत्र मे सशक्त बनकर एक सशक्त राष्ट्र की निर्माण मे योगदान दे रही है ।
महिला सशक्तिकरण महिलाओं के लिए सर्वसम्पन्न और विकसित होने हेतु संभावनाओं के द्वारा खुले नए विकल्प तैयार हों। महिलाएँ समाज के लगभग आधे भाग का प्रतिनिधित्व करती हैं। लेकिन उनकी राजनीतिक सहभागिता लगभग नगण्य रही है। वर्तमान पंचायती राज सामाजिक समता और न्याय, आर्थिक विकास और व्यक्ति की प्रतिष्ठा पर आधारित ग्रामीण जीवन को नया रूप देने का एक सामूहिक प्रयास है।
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महिलाए कई रूपों में जीवन व्यतीत करते हुए एक सभ्य एवम् सुसंस्कृत समाज की निर्माण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वह कभी बेटी के रूप में कभी बहन के रूप में तो कभी पत्नी एवम् प्रेमिका के रूप में कभी माॅ के रूप में समाज को विकसित एवं परिमार्जित करने का अथक प्रयास करती रहती है ।
श्रीमती कुमारी भास्कर द्वारा अपनी संस्कृति को एक महिला के रूप मे अपनाकर उन महिलाओ के लिए रोल मॉडल बन रही जो अपने आपको निम्न व पिछड़े समझते है ।

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