सरकारी कोष से किसानों को भुगतान किया जाकर करोड़ों रुपए में खरीदे गए धान को सुरक्षित करने बरती गई लापरवाही और उदासीनता से लाखों करोड़ों का धान खरीदी केंद्र केना में बरबाद होने के कगार टच,
बारिश से धान को बचाने न तो केपकव्हर से सुरक्षित किया गया और न ही अन्य उपाय किए गए ।
सरकारी सम्पत्ति (धान) के नुकसान के लिए जिम्मेदार कौन ? यह बड़ा सवाल क्या धान खरीदी करने तक ही प्रशासन की जिम्मेदारी ?
ऐसे हमारे छत्तीसगढ़ मे बहुतो केंद्रो मे अब्वस्था देखी जा सकती है ।

0 Comments