सरायपाली :- बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कार्यशाला का आयोजन

महासमुंद/सरायपाली :- बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ पर कार्यशाला का आयोजन आज सरायपाली मे किया गया । महिला एवं बाल विकास विभाग की इस कार्यक्रम मे श्रीमती कुमारी भास्कर सभापति जिला पंचायत महासमुंद, श्रीमती ललिता मेहेर SDOP सरायपाली, श्रीमती उषा पटेल जी सभापति महिला बाल विकास सरायपाली अतिथि के रूप मे उपस्थित रहे ।




बाल विवाह अपराध है, लड़का हो या लड़की, दोनो के लिये श्राप है : श्रीमती भास्कर ।

श्रीमती भास्कर ने कहा :- बाल विवाह का दुष्प्रभाव स्वयं के जीवन के साथ साथ समाज को भी दूषित करता है । प्रशासन के समस्त विभाग जैसे स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग एवं जन सामान्य को भी समन्वय बनाकर बाल विवाह की रोकथाम हेतु निरंतर प्रयास करना है।

बाल विवाह अर्थात कम उम्र में शादी समाज की प्रगति में बाधा डालती है। बाल विवाह प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से देश की अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करती है। 





श्रीमती भास्कर द्वारा कार्यशाला मे उपस्थित सभी कर्मचारियों को बाल विवाह मुक्त के लिए शपथ दिलाया गया 

श्रीमती ललिता मेहेर SDOP सरायपाली ने बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए कार्यशाला मे कहा बेटियां पहले सक्षम बने फिर विवाह करे । अभिभावक बेटियों, बहनों एवं महिलाओं को पढ़ाएं, उन्हे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करे और समाज की प्रगति में सहयोग करे। शासन प्रशासन बाल विवाह रोकथाम के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है।



श्रीमती पी लकड़ा पर्यवेक्षक ने कहा चरणबद्ध रूप से सेक्टर स्तरीय भी कार्यशाला आयोजित की जा रही है छत्तीसगढ़ प्रदेश को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए शासन प्रशासन समाज की सहभागिता से अभियान चला कर कार्य कर रही है। हमें लोगों को बाल विवाह एवं उससे होने वाले दुष्परिणाम के बारे में जागरूक करना है। समाज के प्रमुख अपने अपने सामाजिक संगठनों में चर्चा कर जागरूकता लाने का कार्य करे। स्थानीय निकाय विशेष कर ग्राम पंचायत को बाल विवाह मुक्त बनाने का प्रयास करे। कार्यशाला में बाल विवाह से संबंधित अनेक पहलुओं पर चर्चा की गई ।

Post a Comment

0 Comments