छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने जिला कलेक्ट्रोरेट सभा कक्ष जांजगीर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रस्तुत प्रकरणों पर जनसुनवाई की


जांजगीर-चांपा दिनांक 26.11.2025 छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष  डॉ. किरणमयी नायक ने जिला कलेक्ट्रोरेट सभा कक्ष जांजगीर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रस्तुत प्रकरणों पर जनसुनवाई की छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज प्रदेश स्तर पर 352 व जांजगीर जिले में 13 सुनवाई हुई। 

आज के सुनवाई के दौरान आवेदिका एवं अनावेदक उपस्थित अनावेदन ने दस्तावेज प्रस्तुत किया जिसके अनुसार थाना अकलतरा जिला जांजगीर ने पुलिस थाना में आवेदिका की शिकायत पर अनावेदक एवं पत्नि रनिया बाई के खिलाफ दिनांक 31.07.2023 को भादंस की धारा 420,465,467,471 एवं 34 के तहत् एफआईआर पंजीबद्ध किया जा चुका है। लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इस प्रकरण में जांच कार्यवाही पूर्ण कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत हुआ है अथवा नहीं थाना अकलतरा से जानकारी लेकर पुनः प्रस्तुत करें। उपस्थित पुलिस कर्मचारी के माध्यम से उक्त उक्त एफआईआर पर चालान तैयार हुआ है लेकिन न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है। अतः इस मामले में केन्द्र प्रशासिका को निर्देशित किया जाता है कि एसपी जांजगीर एवं थाना अकलतरा से चालान प्रस्तुति की कापी प्राप्त कर आयोग में प्रस्तुत करें। आवेदिका को समझाईश दिया जाता है कि वह स्वयं अपने अधिवक्ता के माध्यम से एसपी और थाना अकलतरा टीआई से मिलकर इस प्रकरण में इस प्रकरण में दर्ज की गई एफआईआर में न्यायालय में चालान प्रस्तुत होने के संबंध में आवश्यकतानुसार कार्यवाही कराने की अधिकारिता रखती है उसे आज की आर्डरशीट की प्रति निःशुल्क प्रति दिया जाता है और सखी प्रशासिका को निःशुल्क प्रति दिया जाता है। 

अन्य प्रकरण में उभयपक्ष उपस्थित आवेदिका ने अक्टूबर 2025 में आयोग में अपना उनका 17 माह का वेतन नहीं दिया है उसका प्रतिमाह का वेतन 10500 रू. था इस दर से 17 माह का वेतन 178500 रू. होता है जिसका भुगतान अब तक अनावेदकगण के द्वारा नहीं किया गया है। आयोग के द्वारा पूछे जाने पर अनावेदक के द्वारा दस्तावेज प्रस्तुत किया है जिसमें अनावेदकगण के द्वारा अपने उच्च पदाधिकारियों को पत्र लिखा गया है कि 17 माह का वेतन बकाया है। जिसके लिए उक्त पत्रों में माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा रिट याचिका क्र.1089/2025, 1100/2025 तथा 1091/2025 के अनुसार उल्लेख किया गया है माननीय उच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 07.02.2025, 13.02.2025 एवं 20.02.2025 के अनुसार आदेश पारित होने के 45 दिन के अंदर 17 माह का वेतन भुगतान कर दिया जाना था लेकिन 45 दिन के बाद लगभग 7 माह से अधिक का समय बीत चुका है अब तक आवेदिका को उसका 17 माह का वेतन नहीं दिया गया है जिससे कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना हो रही है। अनावेदकगण से पूछने पर उनके द्वारा पुष्टि किया गया कि शासन के द्वारा राशि भेजे जाने पर ही भुगतान किया जावेगा। अनावेदकगण के द्वारा किया गया पत्राचार से अनावेदिका का 17 माह का बकाया नहीं मिला है इस लिए आवेदिका को समझाईश दिया जाता है कि माननीय उच्च न्यायालय में इन अनावेदकगणों के साथ ही आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास के सचिव और आयुक्त के खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार उनका 17 माह का वेतन अब तक नहीं दिया गया है तथा इस अवमानना प्रकरण की प्रस्तुति के लिए आवेदिका को आज की कार्यवाही की प्रति निःशुल्क दिया गया। प्रकरण दो माह बाद रायपुर की सुनवाई मे रखा गया।

 अन्य प्रकरण में आवेदका उपस्थित आवेदक लगातार अनुपस्थित है इस प्रकरण में पूर्व में ही आवेदिका को निर्देशित किया जा चुका है कि अनावेदक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जिस पर आवेदिका ने अब तक आवेदिका ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं करा पायी है। आवेदिका को समझाईश दिया गया व जांजगीर न्यायालय में अनावेदक के खिलाफ परिवाद पत्र दाखिल करे और न्याय प्राप्त करे आवेदिका को आज की आर्डरशीट निःशुल्क दिया गया। और प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।

अन्य प्रकरण में आवेदिका उपस्थित अनावेदक अनुपस्थित अनावेदक आरक्षक 673 मनोज भारती सेननी 9वी वाहनी सशस्त्रबल दंतेवाड़ा में पदस्थ है कुटंुब न्यायालय जांजगीर के आदेश का पालन नहीं कर रहा है। जिसके तहत् 07 लाख रूपये आवेदिका को दिया जाना है। अनावेदक के द्वारा शासकीय सेवा में होने के बावजूद माननीय न्यायालय की अवमानना करने के आधार पर ही उसकी शासकीय सेवा समाप्त करने के पर्याप्त आधार है आवेदिका के आज की आर्डरशीट के आधार पर अनावेदक मनोज कुमार भारती कि खिलाफ 07 लाख रूपये मय ब्याज पाने के अधिकारी है आवेदिका को आज की आर्डरशीट की कापी निःशुल्क दिया गया।

अन्य प्रकरण में अनावेदिका का पूरा पता देने में आवेदिका स्वयं को असमर्थ बताती है और उसकी बेटा की गुमशुदगी की भी रिपोर्ट लिखा चुकी है ऐसी दशा में आवेदिका का पूरा पता के अभाव में सुने जाने का काई औचित्य नहीं है आवेदिका सखी के माध्यम से अनावेदिका का पूरा पता प्राप्त कर दो माह में सूचित करें ताकि प्रकरण सुना जाना है या नहीं इस पर निर्णय लिया जा सके।

अन्य प्रकरण में आवेदिका उपस्थित आनावेदक अनुपस्थित इस मामले में जमीन की फर्जी रजिस्ट्री किया गया है। आवेदिका की ओर सेे पुलिस थाना डभरा को लिखित शिकायत किया गया है लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं किया गया है आवेदिका ने उपपंजीयक डभरा को भी लिखित शिकायत किया है। प्रकरण गंभीर प्रकृति का है इसमें जांजगीर की सखी प्रशासिका को प्रकरण सुपूर्द किया जाता है कि वह इस आवेदिका की प्रत्येक स्थान पर मदद करे और अनावेदक गण का पूरा पता मोबाईल नंबर प्राप्त करें तथा एफआईआर दर्ज करावे अपनी रिपोर्ट 02 माह में आयोग को प्रस्तुत करें। ताकि रायपुर में इसकी शीघ्र सुनवाई की जा सके।

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